अगर दुनिया की सबसे महानतम खोजो का जिक्र किया किया जाए तो इंटरनेट का उनमे विशेष या कोई तो इसे सबसे महान खोज का दर्जा भी दे दे तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।आप अक्सर सोचते होंगे इंटरनेट सिर्फ आपके मोबाइल,कम्प्यूटर तक ही सीमित है।

लेकिन ऐसा नही है मेरे दोस्त इंटरनेट से दुनिया मे आपकी सोच से कहि ज्यादा चीजे जुड़ी हुई है जैसे -सीसीटीवी कैमरा से लेकर मार्क जुकरबर्ग के घर तक। हांजी ये सच है जुकरबर्ग में जार्विस नाम का एक ऐसा इंटरनेट सिस्टम लगा है जो उस घर की हर डिटेल मार्क तक पहुंचा सकता है ।

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जरा कल्पना करिए आपके घर की रसोई में सब्जी जल रही है और आपका घर आपको मैसेज करे कि आपकी रसोई में सब्जी जल रही है। तो है ना कमाल की टेक्नोलॉजी।

लेकिन आखिर ये कैसे सम्भव है? – तो इसका जवाब है इंटरनेट ऑफ थिंग।

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अब जैसा कि नाम से ही पता चलता है “इंटरनेट ऑफ थिंग्स(Iot) यानी चीजो का इंटरनेट ” मतलब की चीजो का इंटरनेट से कनेक्टेड होना।तो अब आप कह सकते है कि इसमे नया क्या है ये हमारा मोबाइल भी एक थिंग यानी चीज हैं और ये भी इंटरनेट से कनेक्ट है। तो हां मेरे दोस्तों आपका मोबाइल Iot का हिस्सा हो सकता है पर मोबाइल/लेपटॉप के इंटरनेट जुड़ाव ही Iot नही है बल्कि यह तो Iot का बहुत छोटा अंग है। असल में इंटरनेट ऑफ थिंग(Iot) इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर वस्तुओ का एक ग्रुप है जो एक दूसरे से एक सिस्टम की तरह कनेक्ट रहती है।

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उदाहरण के तौर पर माना आपका सीसीटीवी आपके मोबाइल से कनेक्ट है तो आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर अपने मोबाइल में ही पूरे घर की स्थिति का जायजा ले सकते है।तो यहाँ हमने देखा कि हमने इंटरनेट के माध्यम से सीसीटीवी और मोबाइल को एक दूसरे से कनेक्ट कर दिया। तो यह जो पूरा सिस्टम है यही इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी Iot कहलाता है।

Iot के फायदे–

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क्या हो अगर हम सीसीटीवी और मोबाइल की तरह हर एक इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर जैसे आपकी कार,टेलीविजन,इलेक्ट्रिक लाइट को इंटरनेट से कनेक्ट कर दे ?इसे समझने के लिए हम एक बार फिर जार्विस का उदाहरण ले सकते है।असल मे जार्विस एक A.I. के प्रयोग वाला घर है हर जगह सेंसर लगे है और सेंसर के माध्यम घर की हर खबर एक CPU सरीखे इंटरनेट कनेक्टिविड सिस्टम को जाती है।

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लेकिन जार्विस एक बहुत एडवांस और महंगी IoT और AI का हिस्सा है,परन्तु Iot कुछ सामान्य हार्डवेयर को भी Ai सिस्टम जैसा यानि एक तरह से ऑटोमोशन करने वाली टेक्नोलॉजी हैं या हम कहे तो खुद को इंटरनेट से पूर्ण रूपेण जोड़ने वाली।

Iot का नुकसान–

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वैसे तो Iot के कोई नुकसान नही और यह जीवन आसान बनाने वाली टेक्नोलॉजी है।परंतु इंटरनेट के इस युग मे आपकी जानकारी कितनी सेफ है यह कहना मुश्किल है और फिर ऐसा कोई नेटवर्क है नही जिसे हैक ना किया जा सके,वही Iot तो इंटरनेट से जूसी कई चीजों का एक जाल है। तो अगर कोई हैकर हमारे Iot network की किसी एक चीज…

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उदाहरणतः वह सीसीटीवी को ही हैक कर ले तो वह न केवल सीसीटीवी बल्कि हर उस जानकारी को हासिल कर सकता है जो हमने इंटरनेट पर छोड़ रखी है।तो बस यही एक नुकसान है Iot का,हालांकि इंजीनियरस लगे हुए साइबर सुरक्षा को मजबूत से मजबूत करने में,पर उनसे कहि ज्यादा हैकर उस सुरक्षा में सेंध लगाने में।

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