हाल में ही एलन मस्क ने इसके भारत की सड़कों पर दौड़ने की समयसीमा पर बात करते हुए बताया कि भारतीय शायद 2020 में ही टेस्ला कार को सड़कों पर दौड़ता देख पाएंगे। यह बात उन्होंने आईआईटी मद्रास केछात्रों से बातचीत में कही।गौरतलब है कि आईआईटी मद्रास के छात्रों की अविष्कार हाइपरलूप ने स्पेसएक्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम “स्पेसएक्स हाइपरलूप पॉड कॉम्पिटिशन”में में हिस्सा लिया था। जहां वे इस कॉम्पिटिशन के अंतिम प्रतिभागियों में से एक रहे थे।टीम ने मस्क से पूछा कि क्या वह अपनी इलेक्ट्रिक कार भारत लाने की योजना बना रहे हैं। आईआईटी मद्रास ने एक बयान में कहा कि सीईओ ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि क्या इसके एक साल के समय में होने की संभावना है।
टेस्ला के सीईओ कुछ वर्षों से भारतीय बाजार में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक असफल रहे हैं। उन्होंने इस साल मार्च में भी ट्वीट किया था कि वह 2019 या अगले साल भारत में स्थापित होने की योजना बना रहे हैं।
मस्क ने पहले भी कहा था कि इलेक्ट्रिक कार के भारतीय बाजार में प्रवेश में देरी के पीछे सरकार की नीतियां और एफडीआई मानदंड हैं।टेस्ला के मॉडल 3 के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश करने की उम्मीद थी, जिसकी कीमत लगभग $ 35,000 है।
वही चेन्नई स्थित वाहन निर्माता अशोक लीलैंड ने इस साल मई में कहा था कि यह टेस्ला के साथ साझेदारी के लिए उनके रास्ते हमेशा खुले है,ताकि टेस्ला को उनके वाहन भारत लाने में मदद मिल सके ।
लीलैंड के वरिष्ठ वीपी और मुख्य डिजिटल अधिकारी वेंकटेश नटराजन ने कहा था–”हम मस्क के द्वारा ऑफर दिए जाने को लेकर पूरी तरह तैयार है। मैं वास्तव में मानता हूं कि यह सिर्फ एक साथी नहीं है जो भारत में इलेक्ट्रिक कार के सपने में योगदान दे सकते है। बल्कि कई एजेंसियां ​​हैं जो इसमें शामिल होंगी और हम उस कंसोर्टियम का हिस्सा बनना बनना हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात होगी।”
हालांकि, लीलैंड ने बाद में यह भी स्पष्ट किया था कि वह अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कम्पनी के साथ किसी बातचीत में नहीं है।

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