कैप्लर को 7 मार्च 2009 में नासा द्वारा अंतरिक्ष मे भेज गया।जिसका उद्देश्य से सूर्य से अलग इसके आसपास के तारो के पृथ्वी जैसे ग्रह ढूंढना था।जिसमे काफी हद सफल होते हुए सौर मंडल से बाहर के करीब 2600 ग्रहों की खोज की,जिसमे कैप्लर–22B(आवासीय योग्य ग्रह) और कैप्लर–16(विशाल गैसीय दानव) जैसे महत्वपूर्ण ग्रहों की खोज शामिल है।लेकिन मानव समाज को महत्वपूर्ण खोजे देने और अपने साढ़े नौ साल के बाद आखिर “कैप्लर” रिटायर हो गया है अर्थात अब शायद ही कभी कैप्लर खोज कर पाए।यहां शायद का प्रयोग इसलिए किया गया है क्योंकि भविष्य में क्या सम्भावनाये है हम नही जानते,तो हो सकता है कि कभी फिर से कैप्लर को उपयोग में लाया जा सके।वही सम्भावना तो हम यह भी जता सकते है,कि कैप्लर कभी किसी एलियन सभ्यता के काम आ जाये।आखिर यह भी तो कैप्लर मिशन का ही हिस्सा है।परन्तु फिलहाल तो हम यही कह सकते है कि कैप्लर अब रिटायर हो चुका है,जिसका कारण उसका खत्म हो चुका ईंधन है।हालांकि कैप्लर की आयुसीमा करीब 3.5 साल ही थी,परन्तु उम्मीद से कही ज्यादा यह 9 साल तक अंतरिक्ष की शान रहा,जो फिलहाल धरती से दूर सुरक्षित स्वच्छंद अंतरिक्ष भ्रमण कर रहा है।

कौन थे कैप्लर

जोहन्स कैप्लर 17वीं सदी के महान गणितज्ञ व खगोलशास्त्री थे।जिन्होंने ग्रहों की सम्बंधित महत्वपूर्ण नियम दिए,जिसमे न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम भी शामिल है।जोकि कैप्लर द्वारा सौरमण्डल के लिए दिया गया था,जिसे बाद में न्यूटन ने सार्वत्रिक नियतांक(G=6.75 x 10-11 N m2/kg2) के साथ संसोधित कर पेश किया।

इन्ही को समर्पित इस टेलीस्कोप को नासा द्वारा 2009 में अंतरिक्ष के लिए भेजा गया,ताकि कैप्लर के करीब 400साल पहले के कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।कैप्लर के नियम थे–

  1. सभी ग्रहों की कक्षा की कक्षा दीर्घवृत्ताकार होती है तथा सूर्य इस कक्षा के नाभिक (focus) पर होता है।
  2. ग्रह को सूर्य से जोड़ने वाली रेखा समान समयान्तराल में समान क्षेत्रफल तय करती है।
  3. ग्रह द्वारा सूर्य की परिक्रमा के कक्षीय अवधि का वर्ग, अर्ध-दीर्घ-अक्ष (semi-major axis) के घन के समानुपाती होता है।

कैप्लर 22B

पृथ्वी से करीब 400 प्रकाश-वर्ष दूर ग़ैरसौरीय इस ग्रह के अस्तित्व की पहली घोषणा 5 दिसम्बर 2011 को की गई।कैप्लर-22 तारे के चक्कर लगाता यह ग्रह अब तक का खोजा इकलौता ग्रह है जिस पर पृथ्वी जैसे जीवन की सर्वाधिक सम्भवना है। यह इकलौता ग्रह है,जहाँ पर्याप्त जल के पुख्ता संकेत मिले है।

कैप्लर22B पर करीब 2.4 गुना ज्यादा व्यास वाला ग्रह है,जिसका गुरुत्वाकर्षण भी लगभग पृथ्वी से 2.5 गुना अधिक है,वही इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का करीब 13.8 गुना है।वही यह अपने ग्रह का चक्कर करीब 290 दिनों में पूरा कर लेता है।

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