अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 का जर्मनी मे हुआ था। अल्बर्ट आइंस्टीन को तो हर कोई जानता ही होगा, लेकिन जिन लोगो को उनके बारे मे ठीक तरीके से नही पता उन्हें मे ये बताना चाहता हूँ, की अल्बर्ट आइंस्टीन एक मशहूर वैज्ञानिक थे। अल्बर्ट आइंस्टीन ने ऐसे कई आविष्कार किए है, जिसकी वजह से इतिहास के पन्नों मे उनका बहुत बड़ा नाम है। जब भी कोई वैज्ञानिक या कोई महान इंसान किसी देश के बारे मे अपनी कुछ राय देता है, तो यह उस  देश के लिए एक महत्वपूर्ण चीज़ की तरह होता है। एक महान इंसान बहुत ही अनुभवी माना जाता है, और वह जब किसी देश के बारे मे अपने अनुभव से कोई टिप्पणी करता है, तो इससे उस देश को कुछ सीखना चाहिए। अभी हाल ही मे मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की ट्रैवल डायरी अमेरिका के एक इंस्टिट्यूट मे अंग्रेजी भाषा मे पब्लिश हो चुकी है, जिसमे उन्होंने बहुत से देशो के बारे मे लिखा है, जिसमे उन्होंने भारत के बारे मे भी बहुत कुछ लिखा है। अल्बर्ट आइंस्टीन की किताब के जो सम्पादक है, जिनका नाम रोजेंनक्रांज है, उन्होंने बताया है, की आइंस्टीन कभी भारत नही आये है, लेकिन उन्होंने कुछ भारतीयों लोगों से श्रीलंका मे बात जरूर की है, जिनके अनुसार उनका कहना था की भारतीयों लोगों मे मानसिक श्रमता काफी कम है। उनका कहना ये भी था, की भारतीय लोग 15 मिनट भी जिंदगी के आगे-पीछे की चीजों के बारे मे सोचने मे सक्षम नही है। भारत के बारे मे ऐसी बाते और भी कई लोग कह चुके है, और यह कोई नई बात नही है, बहुत से लोग भारत के बारे मे ऐसा कहते रहे है, की भारत दिमागी तौर पर इतना बेहतर नही है, और उनका दिमाग क्रिएटिव और अच्छे तरीके से सोचने मे भी ज्यादा सक्षम नही है। अल्बर्ट आइंस्टीन ने रवीन्द्रनाथ टेगोर के बारे मे बहुत सी अच्छी बाते कही हैं, और यह भी बोला है, की वह एक गुरु की तरह है। चीन के बारे मे एल्बर्ट आईंस्टीन का कहना है, की चीनी लोग कुर्सी टेबल की बजाय जमीन पर बेठकर भोजन करना पसंद करते है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है की चीनी लोग काफी मेहनती है, लेकिन उनके यहां लोग काफी गंदे तरीके से रहते है, और उनके बच्चे भी काफी डरपोक मिजाज के है।

श्रीलंका के बारे मे अल्बर्ट का कहना है, की श्रीलंका के लोगो के रहने का ढंग अच्छा नही है है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, की श्रीलंका के लोग काम अपनी जरूरतों के हिसाब से बहुत कम करते है। उनकी बौद्धिक जरूरते काफी कम है। जापान के बारे मे आइंस्टीन का कहना है, की वहा के लोग कलात्मक चीजों के मामले मे काफी ज्यादा अच्छे है, लेकिन उनकी बौद्धिक जरूरते उनकी कला के हिसाब से काफी कम है। एल्बर्ट आइंस्टीन एक महान व्यक्ति थे। परमाणु बम के निर्माण मे भी उनका एक महत्वपूर्ण स्थान है। उन्हें देश-विदेश घूमना और उनके बारों मे अपनी राय प्रकट करना काफी पसंद था। अल्बर्ट आइंसटीन का भौतिक शास्त्र के क्षेत्र मे भी एक बड़ा योगदान है।

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