आगे जानिए ज़ोमैटो और स्विगी के बारे में रहस्यमयी बातें

ज़ोमेटो और स्विगी जैसी अगर भारत के ट्रेंडिंग स्टार्टअप की हो रही हो तो शायद ही कोई हो जो फ़ूड डिलीवरी स्टार्टअप को नज़रअंदाज़ करेगा। यह एक ऐसा उभरता ट्रेंडिंग स्टार्टअप क्षेत्र है जहाँ जिसने भी कदम रखा उसे सफलता मिली ।जिसका बेहतरीन उदाहरण हमे स्विगी,जेमेटो,फ़ूड पण्डा,उबर इट आदि की सफलता के रूप में हमे देखने को मिलता है।

यहां इन सब की सफलता इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि ये सब तब एक बेहतरीन फ़ूड डिलीवरी सर्विस के रूप में उभरे है जब डोमिनो, मैकडोनाल्ड आदि जैसी बड़ी फ़ूड सर्विसेज का लगभग हर छोटे बड़े शहर में एक छत्र राज था। लेकिन यह सब केवल स्विगी,जेमेटो की मेहनत का नतीजा नही है,बल्कि ये नतीजा है हमारे खाने का शौकीन होने का।

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तो हम कह सकते है जब तक खाने का शौक जिंदा है, तब तक फ़ूड डिलीवरी एक बेहतरीन स्टार्टअप के रूप में रहेगा , क्योकि बात अब अब केवल स्वाद की नही बल्कि वयस्तता भरे इस जीवन मे खाना पकाने के झंझट से बचने की भी है,तो भला कोई बेहतरीन फ़ूड डिलीवर इस समस्या का समाधान ना लाये ये कैसे हो सकता है।तो यहां आपके लिए सब कुछ है नास्ता,लन्च,डिनर,पार्टी आदि।

वही जहां ये हमे खिलाती है 100 ₹ में बढ़िया खाना तो ऐसा नही है कि इनका टर्न ओवर कोई कम है। जी नही!ऐसा बिल्कुल नही है! उदाहरणतः स्विगी 2014 में स्थापित की गई थी और आज इसकी टोटल फंडिंग $155 करोड़(लगभग ₹11,200 करोड़ से ज्यादा) का है।

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जबकि स्विगी कारोबार अहमदाबाद,बैंगलोर,चंडीगढ़, चेन्नई,कोयम्बटूर, दिल्ली,गुरुग्राम, हैदराबाद,कोच्ची ,कोलकाता ,मुम्बई और पुणे जैसे बड़े शहरों का मुख्य फ़ूड डिलीवरी कारोबार है और ऐसा केवल स्विगी के साथ नही वरन ज़ोमेटो और उबर इट का टर्न ऑवर भी सैकड़ो करोड़ है।

परन्तु ऐसी कौन सी वजह है जो आखिर इन फ़ूड सर्विसेज के सैकड़ो करोड़ के टर्न ओवर का कारण है और दूसरों के लिए भी फ़ूड डिलीवरी को एक बेहतर स्टार्टअप के रूप में सोचने को मजबूर करती हैं। तो इसके लिए हम स्विगी आधार मानते है और कुछ ऐसी ही वजहों पर गौर करते है जो फ़ूड डिलीवरी को एक मुख्य व्यवसाय के रूप में स्थापित करती है।

3. खाद्य स्तोत्रों से कमीशन–स्विगी के लिए आय का प्रमुख

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स्रोत कमीशन है।जो हर खाद्य ऑर्डर पर तय कमीशन वसूलती है और अगर बात फ़ूड पॉइंट की करे तो स्विगी के पास इतने फ़ूड पॉइंट है कि अगर यह हर खाद्य बिंदु से 5% कमीशन भी वसूल करे तो स्विगी की बड़ी कमाई होती है।

2. रेस्टोरेंट प्रचार

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स्विगी एप पर रेस्टोरेंट एडवरटाइजिंग स्विगी की कमाई का दूसरा बड़ा स्तोत्र है। यह एडवरटाइजमेन्ट एप के प्रमोटेड सेक्शन मे दिखाई पड़ते है। जिसके लिए रेस्टोरेंट स्विगी एप पर अपने प्रचार के लिए स्विगी को एक अच्छी खासी कीमत अदा करते है।

1. डिलीवरी चार्जेज

यह भी इन एप की कमाई का तीसरा बड़ा और महत्वपूर्ण स्तोत्र है।जहां एप फ़ूड डिलीवरी के लिए कुछ मिनिमम चार्ज रखते है,जो जाहिर सी बात है खाना ऑर्डर करने वाले व्यक्ति से वसूला जाता है।इसके अलावा स्विगी द्वारा कुछ रेस्टोरेंट के साथ विशेष गठजोड़ भी है,तो जाहिर है कि वे स्विगी को अपनी कमाई से कुछ हिस्सा प्रदान करते है।

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तो ये है वे तरीके जिनसे स्विगी और अन्य एप पैसे कमाते है।हालांकि यह सब एक एक सफल स्टार्टअप के उदाहरण है,परन्तु फिर भी हाल फिलहाल कड़ी स्पर्धा के दौर में इन्हें कुछ घाटा भी झेलना पड़ रहा है और इसकी जो बड़ी वजह है वो है भविष्य में पैसा कमाने के लिए किया जा रहा प्रचार।

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जो काफी हद तक सफल दिखता है।तो अगर आप भी खाने की अच्छी जानकारी रखते है और कोई स्टार्टअप चाहते है तो फ़ूड डिलीवरी सर्विस एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।पर याद रहे स्टार्टअप और बीजनेस

2019 में आने वाला ये टेक्नोलॉजी आपके जीवन को खास बनाने के लिए उतारू है

में यही अंतर है कि स्टार्टअप स्वयं की प्रेरणा है,जिसमे नफा-नुकसान के मायने ज्यादा नही होते।जबकि विशुद्ध बिजनेस सिर्फ लाभ के लिए होता है।

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