जब कोई हमे अलग अलग पसन्द दिखाए तो जाहिर है हम आकर्षित होंगे और सटीक का ही चुनाव करने पर विचार करेंगे, ये मानव प्रकृति भी है।लेकिन अगर यही बात एंड्राइड पर ली जाए तो ना चाहते हुए भी हमे एंड्रॉइड द्वारा संचालित एप को प्रयोग में लाना ही होता है। आपको बता दे कि गूगल पर यूरोपीय संघ द्वारा अभी फिलहाल ही में $5 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है, जोकि पिछले $ 2.7 बिलियन के जुर्माने से अलग है, जहाँ Google पर व्यक्तिगत खोज परिणामों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था, बल्कि यह जुर्माना गूगल के द्वारा बेवजह यूजर्स पर थोपी जा रही उनके बगैर काम की सेवाओं का नतीजा है। आखिर क्या कारण है हमे गूगल को कह देना चाहिए कि बस अब हो गया–जैसा की गूगल की टैगलाइन है -“हम आपकी परवाह करते है और आपकी गोपनीयता ही हमारी पहली प्राथमिकता है ” पर गूगल हमेशा से ही बात तो करती है परन्तु कहि भी सफल नजर नही आती। इसके लिए हम G-mail का उदाहरण ले सकते है,

जहां गूगल साफ तौर पर थर्ड पार्टी को ईमेल रीड परमिशन देती है।वही बात कैम्ब्रिज एनालिटिक सकैण्डल की करे तो फेसबुक के टॉप पर रहने के बाद गूगल ही ही वो दूसरी कम्पनी थी जिस पर डेटा चोरी कर बेचने के दोष लगे थे। जिस पर नार्वे की कोर्ट ने कहा था कि “फेसबुक और गूगल” दोनो अपनी सेटिंग्स में खास “डार्क पैटर्न” प्रयोग करती है।

वही गूगल का लोकेशन ट्रैक फीचर के कारण एंड्राइड यूजर्स के एक खास वर्ग का इससे एक अलग मन खट्टा हुआ हुआ है। लेकिन इस सब के बावजूद चिंतित उपयोगकर्ता कभी भी वर्तमान गोपनीयता समस्याओं के बारे में कुछ नहीं करते हैं। क्यो?

  • Privacy Paradox यहाँ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अनिवार्य रूप से है जब लोग डेटा साझा करने से डरते हैं लेकिन फिर भी गतिविधि में शामिल हो जाते हैं।
  • लोग उन मुद्दों को नजरअंदाज करते हैं जिह्वे पूरी तरह से बंद नहिबकर सकते। उदाहरण के लिए, अमेरिका के 44 प्रतिशत किशोर कैंब्रिज एनालिटिका के बाद फेसबुक के विकल्प की तलाश में हैं। वही ग्रह के दूसरे आधे लोग इसकी कोई परवाह नहीं करते हैं।
  • खोने का डर भी एक बहुत बड़ी वजह है कि हम गूगल को छोड़ नही सकते क्योंकि जानते है कि हमने बहुत देता गूगल की अलग अलग सेवाओ को दिया है ऐसे में गूगल का साथ छोड़ना उस डेटा के खोने के आसार बना दता है।
    लेकिन कुल मिलाकर बात ये भी है कि Google आपको अपने बारे में जानने की तुलना में अधिक जानता है। सबसे बड़ा OS मार्केट शेयर होने के कारण, इसे आपके डेटा को बेचकर विलेन बनने की आवश्यकता नही है । लेकिन इतिहास भी स्पष्ट है; चीजें कभी भी उस तरह से काम नहीं करती हैं जैसे हम उन्हें चाहते हैं।
  • लेकिन यदि आप Google की इन “छोटी” दुर्घटनाओं से परेशान ही हो चुके हैं, तो हमने Google के स्थान वैकल्पिक सेवाओं की एक सूची तैयार की है, जिन्हें आप अभी अपने डिवाइस पर इंस्टॉल कर सकते हैं व अपने गूगल खाते को हटाने पर विचार कर सकते है।

1. Google Search Alternatives

तो अब चूंकि हमारी डिवाइस गूगल फ्री है तो अगला कदम जो होगा वो है विकल्पों के चुनाव।जिसमे पहले आता है सर्च विकल्प। जीहां! इंटरनेट बहुत ही बेहतर सर्च विकल्प मौजूद है जो गूगल की आवश्यकता को पूरा करते है।हालाँकि वे व्यक्तिगत सामग्री और सुझाव के लिए बेहतर ना हो,परन्तु वे इसी के साथ आपकी व्यक्तिगत सामग्री से छेड़छाड़ अर्थात चोरी भी नही करते ।

DuckDuckGo सर्च इंजन को हम एक बेहतर सर्च इंजन के रूप में इस्तेमाल कर सकते है।जहाँ हमे व्यक्तिगतता का बेहतर विश्वास प्रदान किया जाता है।

2. Google Chrome Web Browser Alternatives

गूगल क्रोम के विकल्प के रूप हम Brave browser का प्रयोग कर सकते है। यह क्रोमियम-आधारित ब्राउज़र गति और सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध है। इसमें एक इनबिल्ट विज्ञापन अवरोधक है जो विज्ञापनदाताओं को आपके डेटा को ट्रैक करने से रोकता है और Google यात्रा के बिना आपके एंड्रॉइड को बहुत स्मूथ बनाता है। अन्य सुरक्षा विशेषताओं की बात करे तो इसमे पॉपअप ब्लॉकर, Http everywhere, Third party cookie ब्लॉकर और भी बहुत सेवाएं मौजूद है।

वही Brave ब्लॉकचैन प्रणाली का भी प्रयोग करता है ,जोकि लेनदेन प्रक्रिया को भी काफी मजबूत करता है। वही DuckDuckGo ब्राउज़र भी क्रोम का बेहतर व सुरक्षित बिकल्प हो सकता है।

3. Google Play Store Alternatives

अब चूंकि गूगल से पिंड छूटा रहे है,तो गूगल प्ले स्टोर को रखे ऐसा तो नही हो सकता।क्योकि भाई यही तो दुकान है गूगल प्रोडक्ट की। तो ऐसे में एक Google Play Store का विकल्प F-droid हो सकता है। इस ऐप स्टोर में बहुत सारे फ्री और ओपन सोर्स एंड्रॉइड ऐप हैं। F-droid डेवलपर्स के बीच लोकप्रिय है, और इसके स्टोर में विभिन्न एप्लिकेशन का एक विशाल संग्रह शामिल है।

वही APKMirror जोकि एक एंड्रॉयड एप वेबसाइट हज भी एक अल्टरनेटिव विकल्प हो सकता है प्ले स्टोर का। जहां से बिना किसी प्ले स्टोर जैसे एप को फोन में रखे भी एंड्रॉयड एप को डाउनलोड किया जा सकता है।

4. Google Assistant alternatives

गूगल असिस्टेंट आते ही आम यूजर्स के बीच लोकप्रिय सर्विस हो गयी।जहां हमे एक AI दोस्त मिल गया।जो हमसे ठीक वैसे ही बात कर सकता है जैसे अपना कोई दोस्त।हालांकि यह इतना भी उन्नत नही है लेकिन फिर भी यह आने हर अपडेट में तेजी से सुधार कर रहा है। परन्तु इसके साथ भी एक समस्या है और वो है गूगल की छत्र-छाया। क्योकि भले ही हमारा दोस्त हो पर लड़का तो भैया गूगल का ही है।ऐसे में क्या इसका भी कोई विकल्प है? तो भैया जवाब है –हाँ । बिल्कुल है। हम Cortana को गूगल असिस्टेंट के रूप में प्रयोग कर सकते है। कॉर्टेना माइक्रोसॉफ्ट का गूगल असिस्टेंट जैसा ही AI सिस्टम है जो इतना ही पुराना भी है।जिसने अपने आपमें काफी सुधार भी किया है।

तो ऐसे में यह काफी अच्छा अल्टरनेटिव विकल्प हो सकता है गूगल असिस्टेंट का। इसके अलावा अमेज़न एलेक्सा में भी काफी सुधार हुआ है तो ऐसे में इसे भी एक विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।

5. Google Apps Alternatives

यहां हम कुछ मुख्य गूगल एप के अल्टरनेटिव विकल्प बता रहे है–
  • गूगल मैप–

HereWeGo मैप एक बेहतर मैपिंग प्रणाली है।इसके पास अपना एक व्यापक डेटा बेस है और साथ ही यह बिल्डिंग के अंदर की मैपिंग भी सपोर्ट करता है।इसके अलावा इसमें एक ऑफलाइन मैप सिस्टम भी है जहां आप
आप पूरी कंट्री का मैप ऑफलाइन डाउनलोड भी कर सकते है

  • Google Keyboard (Gboard)–

Swift key को एक गूगल कीबोर्ड की जगह प्रयोग किया जा सकता हज।इसके अब तक 250 मिलियन डाऊनलोड है और इसकी रेटिंग भी 4 से ऊपर है।

  • Gmail–

वैसे तो Gmail के आपको कई सारे अल्टरनेटिव विकल्प मिल जायेंगे,लेकिन कुछ है जिनका प्रयोग हमे एक बार जरूर करना चाहिए । जैसे Astro mail. Astro mail ,एक स्मार्ट Email और कलेंडर सेवा है ,जिसका प्रयोग आपको गारण्टी से अलग एक्सपीरियंस देगा। वही इसके अलावा यह स्लैक इंटीग्रेशन भी देता है। मतलब हम इस पर स्लैक मैसेज भी प्राप्त कर सकते है। वही इसके अलावा Proton Mail सर्विस भी एक बेहतर अल्टरनेटिव विकल्प हो सकता है।

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